Shohrat par shayari, शोहरत पर शायरी -apnishayeri
Shohrat par shayari दौलत शोहरत आनी जानी फिर इस पर इतराना क्या पानी पर ये नाम लिखा हो ऐसा भी हो सकता है - यूनुस ग़ाज़ी अपने अफ़्साने की शोहरत उसे मंज़ूर न थी उस ने किरदार बदल कर मेरा क़िस्सा लिक्खा - शीन काफ़ निज़ाम Shohrat par shayari in hindi लुटा कर प्यार की दौलत खरीदे दर्द और आंसू, मिली जो इश्क़ में हमको जरा वो जागीर तो देखो। दौलत पर शायरी दौलत वालों को दौलत मंद कहो, अमीर वो है जो ज़मीर रखता है। बुजर्गौं की दुआएं शायरी दुआएं इकट्ठी करने मे लगा हूं, सुना है दौलत शौहरत साथ नही जाती। दौलत की ताकत पर कविता बिखरने दो होंठों पे हँसी की फुहारों को, प्यार से बात कर लेने से दौलत कम नहीं होती। प्यार के दो मीठे बोल से खरीद लो मुझे, रिश्ते और दौलत पर शायरी दौलत दिखाई तो सारे जहां की कम पड़ेगी। प्यार के दो मीठे बोल से खरीद लो मुझे, दौलत दिखाई तो सारे जहां की कम पड़ेगी। जो खानदानी रईस है वो अपना मिजाज नर्म रखते हैं, जो अभी-अभी के अमीर है वो अपना तेवर गर्म रखते है। रिशते और पैसे पर शायरी बेशुमार दौलत कहती है मुझसे बुढ़ापे में आकर, इतनी मेहनत करके भी...