Gareebi shayari | गरीबी पर शायरी |Apnishayeri
गरीब का मजाक पैसे का घमंड उस गरीबी से बचो जो मायूस कर देती है, और उस दौलत से बचो जो मगरूर कर देती है। uss gareebi se bacho jo mayoos kar deti hai, aur uss daulat se bachho jo magroor kar deta hai. _____________________________ अमीर और गरीब पर शायरी Love मेरे गुरबत ने उडा़या है मेरे फन का मजाक, तेरी दौलत ने तेरे ऐब छुपा रखे हैं। mere gurbat ne uadaya hai mere fan ka mazaq, teri daulat ne tere aib chhupa rakhe hain. _____________________________ गरीब और अमीर की कविता टूट जाता है गरीबी में वो रिश्ता जो खास होता है, हज़ारो यार बनते हैं जब पैसे पास होते हैं। toot jata hai gareebi me wo rishta jo khaas hota hai, hazaaro yaar bante hain jab paise paas hote hain. _____________________________ गरीबी पर शेर शायरी लिख रही थी गरीबी पर, कलम ही बेचनी पड़ गई आखिर। shayeri likh rahi thi gareebi par, kalam hi bechni pad gyi akahir. _____________________________ अमीर और गरीब पर कविता वक़्त के एक तमांचे के देर है आसफ़ी, मेरी गरीब भी क्या, और तेरी बादशाही भी क्या। wa...