Gulzar shayari, quotes, status-गुलजार शायरी-apnishayeri
Gulzar shayari for love वो मोहब्बत भी तुम्हारी थी नफरत भी तुम्हारी थी, हम अपनी वफ़ा का इंसाफ किससे माँगते.. वो शहर भी तुम्हारा था वो अदालत भी तुम्हारी थी. Gulzar shayari in hindi प्यार में अजब ये रिवाज़ है, रोग भी वही है जो ला इलाज है. Gulzar shayari in hindi 2 lines खून निकले तो ज़ख्म लगती है वरना हर चोट नज़्म लगती है. Gulzar shayari in hindi 2 lines on life वो बेपनाह प्यार करता था मुझे गया तो मेरी जान साथ ले गया Gulzar shayari on life in hindi यूँ भी इक बार तो होता कि समुंदर बहता कोई एहसास तो दरिया की अना का होता Yu Bhee Ik Baar To Hota Ki Samundar Bahta Koee Ehasaas To Dariya Kee Ana Ka Hota Gulzar shayari on life तुमको ग़म के ज़ज़्बातों से उभरेगा कौन, ग़र हम भी मुक़र गए तो तुम्हें संभालेगा कौन! Gulzar shayari hindi me दिन कुछ ऐसे गुज़ारता है कोई जैसे एहसान उतारता है कोई गुलजार शायरी बेशूमार मोहब्बत होगी उस बारिश की बूँद को इस ज़मीन से, यूँ ही नहीं कोई मोहब्बत मे इतना गिर जाता है! Gulzar shayari in English आप के बाद हर घड़ी हम ने आप क...