Mahfil shayari, quotes, status -bazm shayari-apnishayeri
अगर देखनी है कयामत तो चले आओ हमारी महफिल मे
सुना है आज की महफिल मे वो बेनका़ब आ रहे हैँ।
विवाह महफ़िल शायरी
तुम बताओ तो मुझे किस बात की सजा देते हो
मंदिर में आरती और महफ़िल में शमां कहते हो।
महिला दोस्त के लिए शायरी
मेरी किस्मत में भी क्या है लोगो जरा देख लो
तुम या तो मुझे बुझा देते हो या फिर जला देते हो।
भरी महफ़िल मे दोस्ती का जिक्र हुआ, हमने तो.. सिर्फ़ आप की ओर देखा और लोग वाह-वाह कहने लगे।
फ़रेब-ए-साक़ी-ए-महफ़िल न पूछिए "मजरूह"
शराब एक है बदले हुए हैं पैमाने ।
मजरूह सुल्तानपुरी
महफ़िल शायरी २ लाइन
यूँ चले जाते हैं अपनी ही महफ़िल से रुखसत होकर
यूँ दिल को लगाकर जलाना कोई उनसे सीखे।
वो आये हमारी महफ़िल में
मेरी आवाज़ को महफूज कर लो,मेरे दोस्तों,
मेरे बाद बहुत सन्नाटा होगा तुम्हारी महफ़िल में।
महफ़िल शायरी रेख़्ता
दुश्मन को कैसे खराब कह दूं ,
जो हर महफ़िल में मेरा नाम लेते है।
यारों की महफ़िल शायरी
कल लगी थी शहर में बद्दुआओं की महफ़िल
मेरी बारी आई तो मैंने कहा इसे भी इश्क़ हो इसे भी इश्क़ इसे भी इश्क़ हो।
महफ़िल कोट्स
इतनी चाहत से न देखा कीजिए महफ़िल में आप,
शहर वालों से हमारी दुश्मनी बढ़ जाएगी।
यारों की महफ़िल शायरी
जाने क्या महफ़िल-ए-परवाना में देखा उस ने
फिर ज़बाँ खुल न सकी शम्अ जो ख़ामोश हुई ।
अलीम मसरूर
महफ़िल शायरी
जल्वा-गर बज़्म-ए-हसीनाँ में हैं वो इस शान से
चाँद जैसे ऐ "क़मर" तारों भरी महफ़िल में है ।
क़मर जलालवी
दोस्तों की महफ़िल पर शायरी
वो अपने मेहंदी वाले हाथ मुझे दिखा कर रोई,
अब मैं हुँ किसी और की, ये मुझे बता कर रोई।
कैसे कर लुँ उसकी महोब्बत पे शक यारो,
वो भरी महफिल में मुझे गले लगा कर रोई।
महफ़िल शायरी इन हिंदी
हमारे बाद अब महफ़िल में अफ़साने बयां होंगे
बहारे हमको ढूँढेंगी ना जाने हम कहाँ होंगे।
ना हम होंगे ना तुम होंगे और ना ये दिल होगा फिर भी
हज़ारो मंज़िले होंगी हज़ारो कारँवा होंगे।
Mahfil shayari in hindi
उतरे जो ज़िन्दगी तेरी गहराइयों में।
महफ़िल में रह के भी रहे तनहाइयों में
इसे दीवानगी नहीं तो और क्या कहें,
प्यार ढुढतेँ रहे परछाईयों मे।
Mahfil shayari in urdu
बेवफ़ाओं की महफ़िल लगेगी आज ज़रा वक़्त पर आना
मेहमान-ए-ख़ास हो तुमसजती रहे खुशियों की महफ़िल।
Mahfil shayari in English
हर महफ़िल ख़ुशी से सुहानी बनी रहे,
आप ज़िंदगी में इतने खुश रहें कि,
ख़ुशी भी आपकी दीवानी बनी रहे।
Mahfil shayari urdu in hindi
शरीक-ए-बज़्म होकर यूँ उचटकर बैठना तेरा,
खटकती है तेरी मौजूदगी में भी कमी अपनी।
MAhfil shayari 2 line
दुनिया कि महफ़िलो से उकता गया हूँ मैं,
क्या लुफ्त अंजुमन का जब दिल ही बुझ गया हो।
Mahfil shayari images
इनमे लहू जला हो हमारा कि जान ओ दिल,
महफ़िल के कुछ चिराग फ़रोज़ां हुए हैं।
Mahfil shayari rekhta
जिंदगी एक आइना है, यहाँ पर हर कुछ छुपाना पड़ता है,
दिल में हो लाख गम फिर भी महफ़िल में मुस्कुराना पड़ता है।
Mahfil shayari asfi
तू जरा हाथ मेरा थाम के देख तो सही,
लोग जल जायेगें महफ़िल मे, चिरागो की तरह।
Mahfil attitude shayari
मोहब्बत की महफ़िल में आज मेरा जिक्र है,
अभी तक याद हूँ उसको खुदा का शुक्र है।
Mahfil shayari
कमाल करते हैं हमसे जलन रखने वाले,
महफ़िलें खुद की सजाते हैं और चर्चे हमारे करते हैं।
बज़्म शायरी
जिक्र उस का ही सही बज़्म में बैठे हो फ़राज़,
दर्द कैसा भी उठे हाथ न दिल पर रखना।
महफ़िल शायरी शेयर चैट
सहारे ढुंढ़ने की आदत नही हमारी,
हम अकेले पूरी महफ़िल के बराबर हैं।
Mahfil bhi royegi shayari
महफ़िलों में फिरता रहता हूँ अजनबी सा,
तन्हाइयों में भी तन्हाईयाँ नसीब नहीं होती।
Mahfil bhi royegi shayari in hindi
कोई बेसबब, कोई बेताब, कोई चुप, कोई हैरान है,
ऐ जिंदगी, तेरी महफ़िल के तमाशे ख़त्म नहीं होते।
Bewafa mahfil shayari
इतनी चाहत से न देखा कीजिए महफ़िल में आप,
शहर वालों से हमारी दुश्मनी बढ़ जाएगी।
Best mahfil shayari in hindi
महफ़िल में कुछ तो सुनाना पड़ता है
ग़म छुपा कर मुस्कुराना पड़ता है
कभी हम भी उनके अज़ीज़ थे
आज-कल ये भी उन्हें याद दिलाना पड़ता है।
Mahfil shayari dp
जाने क्या महफ़िल-ए-परवाना में देखा उस ने
फिर ज़बाँ खुल न सकी शम्अ जो ख़ामोश हुई ।
अलीम मसरूर
Mahfil shayari download
यही सोच के रुक जाता हूँ मैं आते-आते,
फरेब बहुत है यहाँ चाहने वालों की महफ़िल में।
Mahfil dosti shayari
उतरे जो ज़िन्दगी तेरी गहराइयों में।
महफ़िल में रह के भी रहे तनहाइयों में
Mahfil dard shayari
इसे दीवानगी नहीं तो और क्या कहें,
प्यार ढुढतेँ रहे परछाईयों मे
Daru mahfil shayari
उस महफ़िल में फिर जाम-ए-शराब आने को है
उम्र-ए-रफ़्ता पलटी आती है शबाब आने को है
फ़ानी बदायुनी
Dosti mahfil shayari
शरीक-ए-बज़्म होकर यूँ उचटकर बैठना तेरा,
खटकती है तेरी मौजूदगी में भी कमी अपनी
Yaaran di mahfil shayari
बहुत दिनों बाद तेरी महफ़िल में कदम रखा है,
मगर, नजरो से सलामी देने का तेरा अंदाज़ नही बदला
Dika nahi mahfil shayari
तुम्हारी बज़्म से निकले तो हम ने ये सोचा
ज़मीं से चाँद तलक कितना फ़ासला होगा
कफ़ील आज़र अमरोहवी
Mahfil e shayari
तेरी महफ़िल और मेरी आँखें
दोनों भरी-भरी हैं
Mahfil e ishq shayari
सहारे ढुंढ़ने की आदत नही हमारी,
हम अकेले पूरी महफ़िल के बराबर है
Mahfil e ishq shayari in urdu
तू जरा हाथ मेरा थाम के देख तो सही,
लोग जल जायेगें महफ़िल मे, चिरागो की तरह
Shayari for mahfil
मोहब्बत की महफ़िल में आज मेरा जिक्र है,
अभी तक याद हूँ उसको खुदा का शुक्र है
Gairon ki mahfil shayari
इतनी चाहत से न देखा कीजिए महफ़िल में आप
शहर वालों से हमारी दुश्मनी बढ़ जाएगी
Mahfil shayari hindi image
कोई बेसबब, कोई बेताब, कोई चुप, कोई हैरान है,
ऐ जिंदगी, तेरी महफ़िल के तमाशे ख़त्म नहीं होते
Mahfil shayari hindi font
महफ़िलों में फिरता रहता हूँ अजनबी सा,
तन्हाइयों में भी तन्हाईयाँ नसीब नहीं होती
Mahfil shayari in hindi download
पीते थे शराब हम उसने छुड़ाई अपनी कसम देकर
महफ़िल में गए थे हम यारों ने पिलाई उसकी कसम देकर
Mahfil mein tanha shayari
महफ़िल में गले मिल के वो धीरे से कह गए,
ये दुनिया की रस्म है इसे मोहब्बत ना समझ लेना
Hindi shayari mahfil mein
इश्क़ का दर्द पलता हो जिस दिल में,
चर्चा उसकी होती है हर महफ़िल में
Mahfil mein shayari
एक महफ़िल में कई महफ़िलें होती हैं शरीक
जिस को भी पास से देखोगे अकेला होगा
निदा फ़ाज़ली
Mahfil loot li shayari
तेरी महफ़िल में चले आये है किसी अजनबी की तरह,
तू भी देख रही है मुझको किसी मुजरिम की तरह
Mahfil ke liye shayari
मोहब्बत की महफिलों में खुदगर्जी नहीं चलती,
कमबख्त मेरे ही दिल पे मेरी मर्जी नहीं चलती
Mahfil shayari love
महफ़िल में वो इस कदर संवर कर आते हैं,
सदियों के लगे जख्म दिल पर भर जाते हैं
Mahfil love shayari
इश्क़ में इस कदर डूबे की दुनिया से शिकवा होना था,
उनकी महफ़िल में एक बार अदब से रुसवा होना था
Muhabbat ki mahfil shayari
शब-ए-विसाल है गुल कर दो इन चराग़ों को
ख़ुशी की बज़्म में क्या काम जलने वालों का
दाग़ देहलवी
Sitaron ki mahfil shayari
एक महफ़िल में कई महफ़िलें होती हैं शरीक
जिस को भी पास से देखोगे अकेला होगा
निदा फ़ाज़ली
Doston ki mahfil shayari
सुना है तेरी महफ़िल में सुकून-ए-दिल भी मिलता है
मगर हम जब तिरी महफ़िल से आए बे-क़रार आए
Yaaron ki mahfil shayari
फ़रेब-ए-साक़ी-ए-महफ़िल न पूछिए 'मजरूह'
शराब एक है बदले हुए हैं पैमाने
मजरूह सुल्तानपुरी
Shayari ki mahfil
जल्वा-गर बज़्म-ए-हसीनाँ में हैं वो इस शान से
चाँद जैसे ऐ 'क़मर' तारों भरी महफ़िल में है
क़मर जलालवी
Mahfil ki shayari image
जाने क्या महफ़िल-ए-परवाना में देखा उस ने
फिर ज़बाँ खुल न सकी शम्अ जो ख़ामोश हुई
अलीम मसरूर
Mahfil e jaam shayari
मुझ तक उस महफ़िल में फिर जाम-ए-शराब आने को है
उम्र-ए-रफ़्ता पलटी आती है शबाब आने को है
फ़ानी बदायुनी
Mahfil ki jaan shayari
तुम्हारी बज़्म से निकले तो हम ने ये सोचा
ज़मीं से चाँद तलक कितना फ़ासला होगा
कफ़ील आज़र अमरोहवी
Mahfil images shayari
कोई नालाँ कोई गिर्यां कोई बिस्मिल हो गया
उस के उठते ही दिगर-गूँ रंग-ए-महफ़िल हो गया
अबुल कलाम आज़ाद
महफ़िल shayari hindi
उठ के उस बज़्म से आ जाना कुछ आसान न था
एक दीवार से निकला हूँ जो दर से निकला
अलीम मसरूर
Mahfil shayari in hindi wallpaper
यारो कुछ तो ज़िक्र करो तुम उस की क़यामत बाँहों का
वो जो सिमटते होंगे उन में वो तो मर जाते होंगे
JAUN ELIA
Shayari huzoor mahfil
तुम नफरतों की सोच क़यामत तक ज़ारी रखो
मैं मोहब्बत से इस्तीफ़ा, मरते दम तक नहीं दूंगी
Yaaron ki mahfil shayari hindi
क़यामत का तो सुना था के कोई किसी का ना होगा
मगर अब तो दुनिया में भी ये रिवाज़ आम हो गया है
Teri mahfil shayari in hindi
क़यामत है तेरा यूँ बन सँवर के आना,
हमारी छोड़ो आईने पे क्या गुज़रती होगी
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